
Panjshir Live Updates: तालिबान ने दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया है। यहां नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान से तालिबान का मुकाबला हो रहा था। तालिबान के जबीउल्लाह ने ट्वीट किया कि तालिबान अब युद्ध से पूरी तरह मुक्त हो गया है। प्रवक्ता के मुताबिक, पंजशीर के लोग भी हमारे भाई हैं। इस बीच, पाकिस्तान पर आरोप लगे है कि पंजशीर को हासिल करने में उसने तालिबान की मदद की है। इस मामले में अब ईरान की ओर से बड़ा बयान आया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पंजशीर में जो हुआ वो गलत है। इसमें पाकिस्तान की भूमिका की जांच की जाना चाहिए। बता दें, ईरान पहले भी कह चुका है कि वह अफगानिस्तान में चुनाव कराने के पक्ष में हैं और जनता को सरकार चुनने का मौका दिया जाना चाहिए।
पाकिस्तान पर तालिबान से मिलीभगत का आरोप
आरोप है कि पाकिस्तान की वायुसेना ने पंजशीर घाटी में तालिबान की मदद की है। पाकिस्तान ने ड्रोम हमलों से यहां बम गिराए, जिसकी मदद से तालिबान सफल रहा। अभी यह साफ नहीं है कि मोहम्मद सालेह समेत पंजशीर के बड़े नेता कहां हैं। माना जा रहा है कि इन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

इससे पहले पूर्व समांगन सांसद जिया अरियनजाद के अनुसार पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए पंजशीर में स्मार्ट बम बरसाए हैं। इससे तालिबान के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व कर रहे अहमद मसूद के प्रवक्ता फहीम दश्ती पंजशीर में तालिबान के साथ लड़ाई के दौरान मारे गए थे। फहीम के अलावा अहमद शाह मसूद के भतीजे और पूर्व प्रमुख मुजाहिदीन कमांडर जनरल साहिब अब्दुल वदूद झोर भी युद्ध में मारे गए थे।
नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट ऑफ अफगानिस्तान ने अपने फेसबुक पेज में इन दोनों की मौत की जानकारी देते हुए लिखा, “गहरे स्पर्श और खेद के साथ, हमने आज दो प्यारे भाइयों और सहयोगियों और सेनानियों को खो दिया। आमिर साहब अहमद मसूद के कार्यालय के प्रमुख फहीम दश्ती, और फासीवादी समूह के खिलाफ लड़ाई में अफगानिस्तान के राष्ट्रीय नायक के भतीजे जनरल साहब अब्दुल वदूद ज़ोर। आपकी शहादत पर बधाई!”
