
रीवा।
शहर के समान थाने में पदस्थ पुलिस कर्मी अमित सिंह सहित अन्य पर लगा मारपीट करने का गंभीर आरोप पुलिस ने FIR में नही दर्ज किया आरक्षक अमित सिंह का नाम फरियादी पियुष विश्वकर्मा पिता रामकृपाल विश्वकर्मा उम्र 25 वर्ष निवासी रतहरी थाना समान जिला रीवा का रहे बाला है। पीड़ित ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया की बीती रात 20/10/24 को रात करीबन 11.30 बजे अपनी बहन के घर बेलहा से अपने घर रतहरी जा रहा था जैसे ही जेएनसिटी कालेज के सामने ओव्हर ब्रिज के नीचे पहुंचा तभी वही पास अमन मिश्रा, मनीष यादव मुझे मिले और पुराने विवाद को लेकर मुझे अश्लील गालिया देने लगे तब मै गाली देने से मना किया तो लाठी डंडा लोहे की राड से मेरे साथ मारपीट करने लगे इतने मे समान थाने के आरक्षक अमित सिंह, अभिषेक पटेल उर्फ लाल बादशाह, अतुल पटेल भी वहा पर आ गये। और मुझसे लपट कर लात घूसो तथा बेल्ट से मारपीट करने लगे तब मै हल्ला गोहार किया तो अंकित साकेत एवं आस पास के लोग आकर बीच बचाव करने लगे तभी सभी लोग धमकी दिये की दुबारा मिलोगे तो जान से खत्म कर देगे और वहा से भाग गये मारपीट से मेरे बाये हाथ के बहुका, पीठ मे, दाये पैर में चोटे आई है।मारपीट में घायल पीयूष ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद खुद अमित सिंह मुझे थाने लेकर आया और उस समय जादा मारपीट के चलते मेरी तबियत बिगड़ने लगी तभी थाने में रात्रि में ड्यूटी कर रहे मुंसी ने कहा अमित तुम छुट्टी में इसे कहा लेकर आये हो ये मर जायेगा इसे अस्प्ताल ले जाओ इसके बाद कुछ ही देर में पीड़ित के माता पिता थाने पहुचे और डायल 100 की मद्त से बिछिया अस्प्ताल लेकर गए जहा डाक्टरो ने मारपीट में घायल युवक को तत्काल ही संजय गांधी अस्पताल में रेफर कराने की बात कही इस घटना की अगली सुबह पीड़ित शिकायत लेकर सामान थाने जाता है। तो थाने में कई घंटों तक उसे बैठाए रखा गया पीड़ित पीयूष का आरोप है। की मेरी शिकायत पर बताए गए आरोपियों का नाम सामान पुलिस ने नहीं दर्ज किया जबकि मेरे साथ समान थाने में पदस्थ आरक्षक अमित सिंह और उसके अन्य साथियों ने जमकर मारपीट की है। समान थाने के पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मी अमित सिंह का नाम FIR में दर्ज नहीं किया है। पीड़ित ने आरोप लगाते हुए बताया कि समान थाने के पुलिस कर्मी अमित सिंह की नशे के कारोबारियों और अपराधियो से है संलिप्तता अगर इनके मोबाइल नंबर की काल डिटेल और टावर लोकेशन निकाली जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। आगे पीड़ित ने बताया कि मैं इस घटना की पुलिस अधीक्षक और रीवा जोन के आईजी से करूंगा जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता है। जब इस घटनाक्रम की जानकारी मीडिया के द्वारा रीवा जिले के पुलिस अधिकारी व सामान थाने के पुलिस अधिकारियो से लेने का प्रयास किया गया तो cm ड्यूटी की व्यस्तता के चलते पुलिस की तरफ से कोई अधिकरिक जानकारी नही मिल पाई है।
